श्री आशापूरा माताजी मंदीर

श्री आशापूरा माताजी मंदीर गंगाधाम चौक - शत्रुंजय टेम्पल रोड, बिबवेवाडी, पुणे ३७ माँ आशापूरा चेरिटेबल चॅरीटेबल ट्रस्ट का यह भव्य मंदीर पुणे में (महाराष्ट्र) गंगाधाम चौक, शत्रुंजय मंदीर रोड, बिबवेवाडी में बनवाया गया है I
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यह अति सुंदर मनको मोहने वाला मंदीर पूरी तरह संगमरमर पत्थर से बनाया गया है I इसकी सुंदरता भव्यता मन मोह लेती है I इस दिव्य मंदीर का निर्माण कार्य - पाया भरणी १५ अगस्त २०१४ में शुरू हुआ तथा तीन वर्ष से भी कम समय में याने ८ मई २०१७ को पूर्ण हुआ !!मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व ४०० ब्राह्मणों को वस्त्र व दक्षिणा देकर सम्मानित किया गया I प्राण प्रतिष्ठा के समय भव्य शोभा यात्रा भंडारी परिवार के निवास स्थान से हाथी, घोड़े, ऊँटो, के साथ सात रथ, नगारा गाड़ी आदि सहित शोभायात्रा निकाली गई I इस शोभायात्रा में ५०० राजस्थानी कलाकारों ने विभिन्न नृत्यों को प्रस्तुत किया I

माताजी तथा सोनाणा खेतलाजी की प्राण प्रतिष्ठापना- दि. ८ मई २०१७ को बड़े ही धूमधाम, हर्षउल्हास से कि गई I इस अवसर पर मंदीर और श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई I प्रतिष्ठापना महोत्सव कूल ५ दिन हजारो भक्तों की उपस्थिति में और भक्ति संगीत के प्रसन्न व संगीतमय माहौल में चल रहा था I

इस अति पावन तथा अद्भुत मंदीर का निर्माण - श्रीमान विजयजी बंडूलालजी भंडारी तथा उनके छोटे भाई श्रीमान चेतनजी बंडूलालजी भंडारी इन्होने अपनी माताश्री श्रीमती विमलबाई बंडूलालजी भंडारी इनकी प्रेरणा से पिताश्री स्वर्गीय. बंडूलालजी जेठमलजी भंडारी इनके स्मरणार्थ बनवाया है I

मंदीर में श्री गणेशजी, श्री सोनाणा खेतलाजी, श्री आशापूरा माताजी, श्री लक्ष्मी माताजी, श्री अंबा माताजी, श्री सच्चाई माताजी तथा श्री पद्मावती माताजी की अति सुंदर विलोभनीय, संगेमरमर की मुर्तिया स्थापीत की गई है I बिजली की पूणर्त: बचत करके सिर्फ सौर ऊर्जा से इस मंदीर में सप्तरंगी रोशनाई होगी , इस प्रकार का पुणे में यह पहला सप्तरंगी मंदीर है I

तथा इस मंदीर की खास विशेषता है, श्री सोनाणा खेतलाजी की भव्य तथा चमत्कारी जागृत मूर्ति !! यहाँ पर भक्तों की मुराद अवश्य पूरी होती है I लगातार पाँच ज्योत करने से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है , एसी मानता है I प्रतिदिन यहाँ पर श्री सोनाणा खेतलाजी की ज्योत करने के लिये विशेषकर रविवार को काफी भीड़ होती है I श्री खेतलाजी मंदीर की प्राण प्रतिष्ठापना खेतलाजी के परम भक्त श्रीमान राजेंद्रजी शांतीलालजी भंडारी ( वाईवाले ) इनके हाथो कि गई है I मंदीर के प्रत्येक कार्यक्रम पर वे स्वत: हमें मार्गदर्शन करते है I

मंदिर में ध्वजा महोत्सव तथा तीनों नवरात्री नवरात्री बड़े ही धूमधाम से मनाई गई I नवरात्री में प्रतिदिन सुबह ७ से ११.३० बजे तक सामुहिक १०८ अभिषेक का आयोजन करते है I इसमें पति पत्नी (जोडेसे) अभिषेक में बैठते है I तथा शाम ४ से ७ बजे तक प्रतिदिन नवचंडी यज्ञ का आयोजन होता है I पश्चात् रात ७ से १० बजे तक माताकी चौकी, भक्ति गीत, इत्यादि प्रोग्राम आयोजित किये जाते है I

मंदिर में पुजा पाठ इत्यादि धार्मिक विधि कराने के लिये ४ ब्राह्मण स्थाई रूप से नियुक्त किये है I मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के समय पूजा के लिए राजस्थान से ४० पंडित बुलाए गये थे I वे ही नवरात्री महोत्सव में अभिषेक तथा यज्ञ याग आदि के लिये जावल (जिला सिरोही) से पं. जनार्दनजी ओझा तथा ९ पंडितों का ग्रुप होम हवन कराते है I बहुत ही कम अवधि में इस मंदिर की प्रशंसा दूरदूर तक हुई है I कर्नाटक, मद्रास, मुंबई, कोल्हापूर, बँगलोर आदी से बड़ी संख्या में भक्त गण दर्शन हेतु पधारते है I शहर तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य मंदिर में दर्शन, अभिषेक, नवचंडी यज्ञ तथा आरती के लिये पधारे है I

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